भारत सरकार द्वारा चलाई जा रही महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (MGNREGA) देश के करोड़ों ग्रामीण मजदूरों के लिए रोजगार का एक बड़ा साधन है। समय-समय पर सरकार इस योजना में पारदर्शिता और सुधार लाने के लिए नए बदलाव करती रहती है। इसी कड़ी में NREGA Mobile Monitoring System (NMMS) Version 3.7.2 एक बड़ा अपडेट है, जिसने मजदूरों की हाजिरी लगाने के तरीके को पूरी तरह बदल दिया है।
इस नए सिस्टम के आने के बाद अब हाजिरी लगाने का तरीका पहले जैसा नहीं रहा। पहले जहां एक साथ समूह में उपस्थिति दर्ज होती थी, वहीं अब हर मजदूर की अलग-अलग फेस स्कैनिंग के जरिए हाजिरी लगाई जाएगी। आइए इस नए अपडेट को आसान भाषा में विस्तार से समझते हैं।
NMMS App क्या है?
NMMS (NREGA Mobile Monitoring System) एक मोबाइल ऐप है जिसे भारत सरकार ने खासतौर पर मनरेगा कार्यों की निगरानी के लिए लॉन्च किया है। इस ऐप के माध्यम से साइट पर मौजूद मजदूरों की उपस्थिति, काम की स्थिति और फोटो आदि को रियल टाइम में रिकॉर्ड किया जाता है।
इसका मुख्य उद्देश्य है:
- फर्जी हाजिरी को रोकना
- पारदर्शिता बढ़ाना
- मजदूरों को सही समय पर भुगतान सुनिश्चित करना
Version 3.7.2 में क्या बड़ा बदलाव हुआ?
NMMS App के Version 3.7.2 में सबसे बड़ा बदलाव मजदूरों की हाजिरी को लेकर किया गया है।
पहले क्या होता था?
- पहले एक साथ सभी मजदूरों की ग्रुप फोटो लेकर हाजिरी लगा दी जाती थी
- इसमें कई बार ऐसे लोग भी शामिल हो जाते थे जो मौके पर मौजूद नहीं होते थे
- इससे फर्जी उपस्थिति (Fake Attendance) की समस्या होती थी
अब क्या बदल गया है?
अब सरकार ने नियम में बड़ा बदलाव करते हुए यह तय किया है कि:
👉 हर मजदूर की हाजिरी अलग-अलग लगेगी
👉 हाजिरी के लिए फेस स्कैन (Face Scan) जरूरी कर दिया गया है
👉 जब तक फेस स्कैन नहीं होगा, तब तक हाजिरी नहीं लगेगी
फेस स्कैन से हाजिरी कैसे लगेगी?
अब NMMS App में हाजिरी लगाने की प्रक्रिया कुछ इस प्रकार है:
- मेट या सुपरवाइजर ऐप को ओपन करेगा
- मजदूर का नाम सिलेक्ट किया जाएगा
- मजदूर का फेस स्कैन किया जाएगा
- सिस्टम उस चेहरे को आधार/डेटा से मैच करेगा
- सफल स्कैन होने के बाद ही हाजिरी दर्ज होगी
👉 यानी अब “नो फेस स्कैन, नो अटेंडेंस” का नियम लागू हो गया है।
इस नए सिस्टम के फायदे
1. फर्जीवाड़े पर रोक
अब कोई भी दूसरे व्यक्ति की जगह हाजिरी नहीं लगा सकता, क्योंकि फेस स्कैन जरूरी है।
2. सही मजदूर को मिलेगा भुगतान
जिस मजदूर ने वास्तव में काम किया है, उसी की उपस्थिति दर्ज होगी और उसी को पैसा मिलेगा।
3. पारदर्शिता बढ़ेगी
पूरा सिस्टम डिजिटल और रियल टाइम होने से भ्रष्टाचार की संभावना कम हो जाएगी।
4. सरकार को मिलेगा सही डेटा
सरकार को सही जानकारी मिलेगी कि किस साइट पर कितने मजदूर काम कर रहे हैं।
मजदूरों के लिए जरूरी बातें
अगर आप मनरेगा में काम करते हैं, तो आपको इन बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है:
- 📌 काम पर जाते समय अपना चेहरा साफ और स्पष्ट रखें
- 📌 फेस स्कैन के समय कैमरे की ओर देखें
- 📌 अगर आपका फेस स्कैन नहीं होता है, तो तुरंत मेट को बताएं
- 📌 समय पर साइट पर पहुंचें, क्योंकि हाजिरी अब समय के अनुसार ही लगेगी
क्या इस बदलाव से कोई परेशानी हो सकती है?
शुरुआत में कुछ मजदूरों को इस नए सिस्टम से थोड़ी दिक्कत हो सकती है, जैसे:
- नेटवर्क की समस्या
- फेस स्कैन में तकनीकी दिक्कत
- बुजुर्ग मजदूरों के लिए परेशानी
लेकिन सरकार इन समस्याओं को धीरे-धीरे ठीक करने पर काम कर रही है। आने वाले समय में यह सिस्टम और भी आसान और बेहतर हो जाएगा।
निष्कर्ष (Conclusion)
NREGA Mobile Monitoring System Version 3.7.2 मनरेगा योजना में एक बड़ा और महत्वपूर्ण बदलाव लेकर आया है। अब मजदूरों की हाजिरी पूरी तरह डिजिटल और सुरक्षित हो गई है।
👉 पहले जहां ग्रुप में हाजिरी लगती थी, अब हर मजदूर की अलग-अलग फेस स्कैनिंग से उपस्थिति दर्ज होगी
👉 बिना फेस स्कैन के अब हाजिरी लगना संभव नहीं है
यह बदलाव भले ही शुरुआत में थोड़ा कठिन लगे, लेकिन लंबे समय में यह मजदूरों के हित में है और योजना को पारदर्शी बनाने में मदद करेगा।